भगवद गीता से सीखें: नकारात्मक सोच और ओवरथिंकिंग पर जीत कैसे पाएं?

मन चंचल और बलवान होता है इसको स्थिर रखना बहुत जरुरी होता है। मन का अस्थिर होना स्वाभाविक है। पहले इसे स्वीकारें, फिर उसे प्रशिक्षित करें।

मन को स्थिर रखें 

"कर्म करो, फल की चिंता मत करो" चिंता और ओवरथिंकिंग का मुख्य कारण है परिणाम की चिंता।

फल की चिंता छोड़ें

"अभ्यास और वैराग्य से मन पर नियंत्रण संभव है" प्रतिदिन ध्यान और आत्मचिंतन करें

अभ्यास और वैराग्य अपनाएं

"इंद्रिय संयम से मन पर विजय पाई जा सकती है" सोशल मीडिया और नकारात्मक सूचना से दूरी बनाएं।

इंद्रियों पर संयम रखें

"भोजन, विचार और व्यवहार सात्त्विक बनाएं" स्वच्छ और सकारात्मक जीवनशैली मन को शुद्ध करती है।

सात्त्विक जीवनशैली अपनाएं

कर्मयोग की भावना अपनाएं दूसरों की मदद करने से आत्मकेंद्रित विचार कम होते हैं।

निःस्वार्थ सेवा करें

"मेरी शरण में आओ, मैं तुम्हें मुक्ति दूंगा" चिंता और भय को ईश्वर को अर्पित करें।

ईश्वर में पूर्ण समर्पण करें

"जैसे दीपक बिना हवा के स्थिर रहता है..." नियमित ध्यान से मन शांत और स्थिर होता है।

ध्यान और योग से मन स्थिर करें

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